MP ASHTA NEWS : आष्टा (सीहोर), 9 मार्च 2026: मध्य प्रदेश के आष्टा क्षेत्र में इस बार किसानों की मेहनत रंग लाती दिख रही है. मौसम साफ होते ही गेहूं और चने की कटाई में तेजी आ गई है. करीब 90,000 हेक्टेयर रकबे में लहलहाती फसल को देखकर किसानों के चेहरे खिल उठे हैं. कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल रिकॉर्ड तोड़ उत्पादन होने की पूरी संभावना है.
खेतों में लौटी रौनक, हार्वेस्टर से हो रही कटाई
पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश और खराब मौसम के कारण रुकी हुई कटाई अब फिर से शुरू हो गई है. तेज धूप निकलने से खेतों में किसानों की चहल-पहल बढ़ गई है. हार्वेस्टर मशीनों के साथ-साथ पारंपरिक तरीकों से भी फसल की कटाई जोरों पर है. स्थानीय सूत्रों के मुताबिक अब तक लगभग 50 फीसदी गेहूं की कटाई पूरी हो चुकी है.
अनुकूल मौसम ने दिया किसानों को तोहफा
इस बार का मौसम किसानों के लिए वरदान साबित हुआ है. न तो अत्यधिक ठंड पड़ी और न ही बेमौसम बारिश ने परेशान किया. पाले का प्रकोप भी नहीं हुआ, जिससे फसल को नुकसान से बचाया जा सका. स्थानीय किसान राम सिंह ठाकुर और विक्रम सिंह मेवाड़ा ने बताया कि जावर, सिद्धिगंज, खाचरोद, मेहतवाड़ा, मैना, कोठरी, भंवरा और बागैर जैसे इलाकों में फसल की गुणवत्ता बेहतरीन है.
90 हजार हेक्टेयर में हुई थी बुवाई
कृषि विभाग के सहायक संचालक बहादुर सिंह मेवाड़ा ने जानकारी देते हुए बताया कि आष्टा ब्लॉक में इस बार कुल 90,000 हेक्टेयर रकबे में गेहूं और चने की बुवाई की गई थी. समय पर हुई बारिश और उचित सिंचाई व्यवस्था के कारण फसल की स्थिति काफी अच्छी है. किसान खुशहाल नजर आ रहे हैं और बंपर मुनाफे की उम्मीद कर रहे हैं.
सिद्धिगंज में देरी से होगी कटाई
हालांकि, सिद्धिगंज क्षेत्र में गेहूं की कटाई में कुछ देरी होने की संभावना है. पार्वती नदी से सिंचाई के कारण यहां की फसल अभी पूरी तरह से पकी नहीं है. कृषि अधिकारियों के अनुसार, इस क्षेत्र में कटाई का काम अगले 10 से 15 दिनों में शुरू होगा.
किसानों को मिलेगा बेहतर मूल्य
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार उत्पादन की गुणवत्ता बेहतरीन होने से किसानों को बाजार में अच्छा भाव मिलने की उम्मीद है. सरकारी खरीद केंद्रों पर भी व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही हैं ताकि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिल सके.
आष्टा क्षेत्र के किसानों के लिए यह साल खुशहाली लेकर आया है. अनुकूल मौसम और कड़ी मेहनत का नतीजा अब सामने आ रहा है. रिकॉर्ड उत्पादन से न सिर्फ किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि क्षेत्र की समग्र अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा.








